Yellow, yellow, yellow as ever
Even the wilted sunflowers
turn to see
Looking to yellow, yellow, yellow as ever
and free.
Yeah!
poem
यादें……
प्रेम की भी पोषक हैं यादें
कभी बरसती भरी दुपहरी
कभी टपकती हैं शामों में
उछल कूद करतीं हृदय में
कभी निलय से आलिंदो में
…….
मातृभूमि से दूर बसने की व्यथा
जन्मभूमि माँ !
तू वहां मैं यहाँ।
तुझ से दूर इस विदेश में बस कर
जीती हूँ हर पल तेरा ही नाम लेकर
बरसों बीत गये बिछड़े गोद से तेरी
फिर भी लगता है तू हरदम है पास मेरी
क्या इसी को कहते हैं जन्म-जन्म का नाता
वेदना के तिमिर को तिरोहित करें
नेह का मंत्र लिख श्वाँस के दीप पर,
वर्तिका सम हृदय को पुरोहित करें ।
काव्य की सर्जना का दिवाकर उगा,
वेदना के तिमिर को तिरोहित करें ।।
जिस देह में बसते देश कई…
नीली कश्मीरी आँखों ने
आज़ाद सा ख़्वाब सजाया था,
जब वीर मराठों ने माथे
केसरिया तिलक लगाया था।
तूं दिखादे तेरा भारत है नाम
तोड़ दुश्मन के सपने तमाम
तूं दिखादे तेरा भारत है नाम
कोई लेकर के भगवे की आड़
किसे का नाम पुछ पिसे जाड़
उसकी अक्ल मैं तूं दिए बाड़
एक है गुरु अल्लाह और राम
तूं दिखादे…
● The World In Shades ●
It’s a six,
Or, in a mirror, it’s a nine,
Maybe the answer’s at the end of the line?
It all lies in the person’s mind.
● The Ocean’s Embrace ●
The world says the ocean is cold,
Brutal and bitter and old,
It’s merciless, devoid of hope.