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कविता: गीत-संग तुम्हारे ख़्वाब सजे – आकांक्षा द्विवेदी

कविता: ये मोहब्बतें पुरानी-सी – विवेक दाधीच

साक्षात्कार: मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद

पाँच ग़ज़लें – गिरीश पंकज

कविता : रीज़ को पहुँचा आई – कमलजीत कौर

कविता: “पाँव” – डॉ नंदिता साहू
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नमस्ते भारत के बारे में
नमस्ते भारत पत्रिका में आपकी कविता-कहानियां, लेख, समाचार या रिपोर्ट आदि आमंत्रित हैं। Namastey Bharat is a bilingual magazine English and Hindi both - invites poems, stories, articles, reports or any other literary contributions.
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Article | News

Labour Conference Speech: The Case for Democratic Reform
A Moment for Renewal: Reflections on Andy Burnham’s Labour Conference Speech and the Case for Democratic Reform Andy

GTC Punjabi UK launches UK NOW
A New show For Britain’s Punjabi and Indian Community Veteran journalist Anmol Kaur hosts the new programme, coming

Namastey Bharat Magazine’s Launch Ceremony
Hindi and English Magazines: Building a Stronger, More Connected Indian Community in Britain I was pleased to attend

लंदन में हिंदी युवा संगम – लगातार चौथे वर्ष
लंदन, 11 सितंबर – हिंदी युवा संगम – 2026 कार्यक्रम का भव्य आयोजन लंदन के नेहरू सेंटर में

Indian Workers Association IWA Celebrates 70 Years
London Thursday, 10 September – The Indian Workers’ Association (IWA) Southall marked its 70th anniversary on Thursday, 10

Dr. Mohan Bhagwat’s UK Visit underlines Unity and Service
London, 6 September 2026: Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) Sarsanghchalak Dr Mohan Bhagwat visited the United Kingdom from 2 to
कविताएँ

दो गज़लें : बलजीत सिंह ‘बेनाम’
1. तुम्हारी यादें इनकी ज़ेबों में हरदम कंगाली है भिखमंगों की यार कहाँ दीवाली है। जागी आँखों से

कविता: तुम्हारी यादें – डॉ. कृष्ण कन्हैया
तुम्हारी यादेंदिल के दाहिने ख़ाने मेंबसाना चाहता हूँताकि रूक-रूक करछन-छन कर आगे बढ़ेऔर फेफड़े में अपनीअशुद्धियाँ दूर करे।

कविता: गीत-संग तुम्हारे ख़्वाब सजे – आकांक्षा द्विवेदी
संग तुम्हारे ख़्वाब सजे थे, साथ तुम्हारे जाना थाफिर क्यों साथी बीच राह में हमे छोड़ कर चले

कविता: ये मोहब्बतें पुरानी-सी – विवेक दाधीच
letterbox के ज़माने कीये मोहब्बतें पुरानी-सीकिसी ख़ुशबू वाली चिट्ठी-सीकिसी भीगी शाम सुहानी-सी एक काँपते हाथ को थामतादूसरा काँपता

पाँच ग़ज़लें – गिरीश पंकज
जहाँ कभी था वहीं आज जहाँ कभी था वहीं आज वो कुंठित बेचाराअपने में ही घुलता रहता चिंतित

कविता : रीज़ को पहुँचा आई – कमलजीत कौर
रीज़ को पहुँचा कर आ गईसपनों की देहरी तकजहाँ अब वह स्वयं करेगी चुनावअपने अनुभवों को देगी आकारअपने
जितना लिखोगे उतना निखरोगे
Write More, Grow More
भारतीय संस्कृति

भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
भारत की पावन भूमि संतों और महापुरुषों की तपस्थली रही है। हमारे संतों ने समाज को प्रेम, सत्य,

गीता में मन, चेतना और भारतीय मनोविज्ञान
मन क्या है? चेतना क्या है? हम अक्सर सोचते हैं क्या मनुष्य केवल शरीर औरमस्तिष्क से निकले किसी

माँ सरस्वती – विद्यादायनी
माँ सरस्वती हिन्दू धर्म में विद्या, ज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी मानी जाती हैं। उन्हें “विद्यादायनी”,
लेख

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान
ज़िन्दगी के साथ क़दमताल करते यादों के कारवां हर किसी के जीवन के अपने क्लाइडोस्कोप होते हैं लगातार

साक्षात्कार: मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद
वरिष्ठ साहित्यकार व “कथाबिंब पत्रिका की संपादक मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद साहित्य

व्यंग्य: जले पर नमक – विवेक रंजन श्रीवास्तव
महाभारत में शकुनि के पास पासे थे। हमारे समय ने उसकी चौसर को बहुत बड़ा कर दिया है।

“गाएगा युग” : पुस्तक समीक्षा – डॉ. नैब सिंह मंडेर
गाएगा युग – हाइकु संग्रह – कश्मीरी लाल चावला हाइकु जापान की विश्वप्रसिद्ध काव्य विधा है, जिसमें 5–7–5

कैंची धाम की अलौकिक यात्रा: रितेश निगम
मेरी ट्रेन डेढ़ घंटा लेट थी, सुबह साढ़े पांच के बजाए करीब सवा सात बजे मुरादाबाद पहुंची। हालांकि,

जब थेम्स के किनारे महका थार – डॉ॰ इंदु बारौठ (चारण) की रिपोर्ट
रिपोर्ताज / लंदन / डॉ॰ इंदु बारौठ (चारण) जय माताजी की, राम राम सा, घणी खम्मा सा…!” जैसे
साहित्यिक गतिविधियाँ

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान
ज़िन्दगी के साथ क़दमताल करते यादों के कारवां हर किसी के जीवन के अपने क्लाइडोस्कोप होते हैं लगातार

साक्षात्कार: मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद
वरिष्ठ साहित्यकार व “कथाबिंब पत्रिका की संपादक मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद साहित्य

सात दिन, सात रंग – हिन्दी की ज्योति के संग: गुरुकुल यूके
लंदन। ब्रिटेन में हिंदी की अग्रणी संस्था “गुरुकुल यूके” ने शानदार कार्यक्रमों के विभिन्न सत्रों के साथ हिंदी

सिंगापुर में ‘वसुंधरा’ के तत्वाधान में आयोजित ‘धर्मक्षेत्र’ का सफल आयोजन
रविवार 6 सितंबर को, हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में, भारतीय उच्चायोग सिंगापुर के सहयोग से ‘वसुंधरा’ के बैनर

लंदन में हिंदी युवा संगम – लगातार चौथे वर्ष
लंदन, 11 सितंबर – हिंदी युवा संगम – 2026 कार्यक्रम का भव्य आयोजन लंदन के नेहरू सेंटर में

लन्दन और हिंदी कवितायें
लंदन, 5 सितंबर – लंदन की यह शाम हुई हिंदी के नाम, हिंदी की कविताओं के नाम। प्रसिद्ध
Indian Diaspora
ब्रिटेन से — प्रवासी भारतीय समाज
From Britain — The Indian Diaspora
UK की भारतीय संस्थाओं, कार्यक्रमों और समुदाय की आवाज़ें — एक ही जगह।
Voices from UK-based Indian organisations, events, and the community — all in one place.

लंदन में हिंदी युवा संगम – लगातार चौथे वर्ष
लंदन, 11 सितंबर – हिंदी युवा संगम – 2026 कार्यक्रम का भव्य आयोजन लंदन के नेहरू सेंटर में

लंदन में ‘इंडिया डे’ का भव्य आयोजन – अश्विनी श्रीवास्तव
लंदन, 22 Aug, 2026 भारतीय उच्चायोग, लंदन के द्वारा नवनाथ सेंटर के सहयोग से आयोजित ‘इंडिया डे’ समारोह

यूनाइटेड किंगडम में प्रेरणा का संगम- “संगम यू.के.”
भारतीय संस्कृति, हिंदी और सामाजिक एकता का सशक्त मंच भाषा के संरक्षण और संवर्धन को नई ऊर्जा देने


UPCA – An Introduction
एक विचार एक संगठन का निर्माण कर सकता है और समाज को बदल सकता है। इसी प्रेरणा से

जब थेम्स के किनारे महका थार – डॉ॰ इंदु बारौठ (चारण) की रिपोर्ट
रिपोर्ताज / लंदन / डॉ॰ इंदु बारौठ (चारण) जय माताजी की, राम राम सा, घणी खम्मा सा…!” जैसे
कहानियाँ

धूर्तता एक कला !
जो जितना बड़ा धूर्त, उसके व्यवहार में उतनी विनम्रता नज़र आएगी। उसकी भाषा में उतना ही लालित्य होगा

अरुणा सब्बरवाल – रॉकिंग-चेयर
ट्रक को आते देख कर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। वह इतनी ख़ुश थी कि अपनी ख़ुशी

ज़िदंगी एक ख़ाली कुर्सी
आशीष मिश्रा ला पॉइंटे बर्मिंघम के व्यस्त इलाक़े न्यू स्ट्रीट स्टेशन के पास एक पुराना फ़्रेंच पब है
पुस्तक

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान
ज़िन्दगी के साथ क़दमताल करते यादों के कारवां हर किसी के जीवन के अपने क्लाइडोस्कोप होते हैं लगातार

“गाएगा युग” : पुस्तक समीक्षा – डॉ. नैब सिंह मंडेर
गाएगा युग – हाइकु संग्रह – कश्मीरी लाल चावला हाइकु जापान की विश्वप्रसिद्ध काव्य विधा है, जिसमें 5–7–5

विश्व पुस्तक मेला
कविताओं की पुस्तक “क्या हारा क्या जीत गया” – वाणी प्रकाशनVani Prakashan – विश्व पुस्तक मेला हिंदी कविताओं
संपादकीय
हमारे संत

भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
भारत की पावन भूमि संतों और महापुरुषों की तपस्थली रही है। हमारे संतों ने समाज को प्रेम, सत्य,
FAQ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Frequently Asked Questions
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