ट्रक को आते देख कर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। वह इतनी ख़ुश थी कि अपनी ख़ुशी को व्यक्त करने के लिए उसे शब्द नहीं मिल रहे थे। बचपन से ही उसका दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहने का सपना अब साकार होने जा रहा था। इस दिन का इंतज़ार वह बचपन से करती आई थी।

ट्रक को आते देख कर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। वह इतनी ख़ुश थी कि अपनी ख़ुशी को व्यक्त करने के लिए उसे शब्द नहीं मिल रहे थे। बचपन से ही उसका दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहने का सपना अब साकार होने जा रहा था। इस दिन का इंतज़ार वह बचपन से करती आई थी।

आशीष मिश्रा

ला पॉइंटे
बर्मिंघम के व्यस्त इलाक़े न्यू स्ट्रीट स्टेशन के पास एक पुराना फ़्रेंच पब है ‘ला पॉइंटे’। यहाँ भी आम पबों की तरह गहमा-गहमी शाम के आसपास शुरू होती है। आमतौर पर जब पब्स के पास से गुज़रेंगे तो कुछ सिगरेट बड्स गिरे पड़े मिलेंगे, कोने में एक-दो काँच के टुकड़े, शीशे से अंदर देखने पर कुछ ख़ास समझ नहीं आयेगा। २-३ लंबी मेज़ और कुछ छोटी गोल मेज़, सामने एक लंबा-सा ऊँचा काउंटर, काउंटर के पीछे लोगों को कुछ पल के लिए ज़िंदगी के दूसरे छोर पर ले जाने वाली बोतलें और एकदम पास बियर के विभिन्न रूप। लगभग ऐसा ही होता है पबों का लब्बोलुआब! हाँ, शोर का लेवल अलग-अलग हो सकता है, कोई पब शांत मिलेगा, किसी में घुसते ही आपके कानों में हाई डेसिबल वेव्स घुसेंगी।
