जो जितना बड़ा धूर्त, उसके व्यवहार में उतनी विनम्रता नज़र आएगी। उसकी भाषा में उतना ही लालित्य होगा । लोग चकित हो जाएंगे, अरे! यह कितना महान व्यक्ति है। लेकिन जैसे ही लोग उनसे रू-ब-रू मिलेंगे, सारा भ्रम जाता रहेगा। इस अकाट्य सत्य को अगर आज के कॉर्पोरेट और सोशल…
Read More →कहानी
kahani
अरुणा सब्बरवाल – रॉकिंग-चेयर
ट्रक को आते देख कर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। वह इतनी ख़ुश थी कि अपनी ख़ुशी को व्यक्त करने के लिए उसे शब्द नहीं मिल रहे थे। बचपन से ही उसका दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहने का सपना अब साकार होने जा रहा था। इस दिन का…
Read More →ज़िदंगी एक ख़ाली कुर्सी
आशीष मिश्रा ला पॉइंटे बर्मिंघम के व्यस्त इलाक़े न्यू स्ट्रीट स्टेशन के पास एक पुराना फ़्रेंच पब है ‘ला पॉइंटे’। यहाँ भी आम पबों की तरह गहमा-गहमी शाम के आसपास शुरू होती है। आमतौर पर जब पब्स के पास से गुज़रेंगे तो कुछ सिगरेट बड्स गिरे पड़े मिलेंगे, कोने में…
Read More →