यादें……

प्रेम की भी पोषक हैं यादेंकभी बरसती भरी दुपहरीकभी टपकती हैं शामों मेंउछल कूद करतीं हृदय मेंकभी निलय से आलिंदो में……. पूरा पढ़ें

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