रिपोर्ताज / लंदन / डॉ॰ इंदु बारौठ (चारण)
जय माताजी की, राम राम सा, घणी खम्मा सा…!”
जैसे ही यह आत्मीय अभिवादन सभागार में गूंजा, लगा मानो लंदन की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी कुछ पल के लिए ठहर गई हो। कार्यक्रम की शुरुआत दरवाजे पर आने वाले अतिथियों की रोली टीके से स्वागत के भावपूर्ण क्षण से हुई ।