लन्दन और हिंदी कवितायें

लंदन, 5 सितंबर – लंदन की यह शाम हुई हिंदी के नाम, हिंदी की कविताओं के नाम। प्रसिद्ध संस्था कथा यूके एवं इंटरनेशनल हिंदी सोसाइटी के संयुक्त प्रयास से हैरो स्थित सिद्धाश्रम शक्ति स्थल में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजन में लंदन एवं उसके आसपास कई कवि-कवयित्रियों ने कविता पाठ किया। इसमें कुछ भारत से आए साहित्यकारों ने भी भाग लिया।

कार्यकम का उत्कृष्ट और सुरम्य संचालन लंदन के लोकप्रिय वक्ता पंडित रवि शर्मा जी ने किया, उनकी हाज़िर जवाबी ने दशकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम का सफल संयोजन प्रसिद्ध कहानीकार श्री तेजेन्द्र शर्मा जी ने किया। सिद्धाश्रम मंदिर के पुण्य स्थल की ऊर्जा के मध्य पूजा भनोट जी ने सुरीली सरस्वती वंदना से माँ शारदे का आवाहन किया। कथावाचक गौरी गौरांगी जी ने भ्रूण हत्या पर एक मार्मिक कविता पढ़ी।

कविता पाठ में शानदार योगदान रहा – पद्मेश गुप्त, तेजेन्द्र शर्मा, अनुराधा पांडे, शिखा वार्ष्णेय, अरुणा सब्बरवाल, आशुतोष कुमार, रितेश निगम, अंतरा तल्लम, रेणु शर्मा, विनी कालिया, विकास पारेख, वैभव श्रीवास्तव एवं आशीष मिश्रा।

लंदन के पूर्व सांसद श्री वीरेंद्र शर्मा जी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। उनके संबोधन में हिंदी के प्रति उनका लगाव साफ़ दिखा, साथ ही उन्होंने रोचक सुझाव भी दिए।

भारतीय उच्चायोग में हिंदी अधिकारी डॉ अनुराधा पांडे ने सभी हिंदी प्रेमियों को हिंदी दिवस की बधाई दी एवं भाषा प्रचार-प्रसार में सभी के आपसी सहयोग की बात दोहराई।

कार्यक्रम में भारत से आए कुछ साहित्यकारों ने भी भाग लिया – जैसे विवेक रंजन श्रीवास्तव, ख़ुदेजा ख़ान – कविताएँ सुनाई भी और स्थानीय कवियों की रचनाओं को सराहा भी। पीयूष श्रीवास्तव ने अपने आगामी उपन्यास के बारे में बात की।

साहित्यकार अरुणा अजितसरिया एमबीई, नंदू अजितसरिया, IIW संस्था से रश्मि मिश्रा, नीतू सिंह, एवं राहुल ओझा आदि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर कार्यक्रम सुंदर रहा, सफल रहा। पूरे ब्रिटेन में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित होने जा रहे हैं। भारतीय उच्चायोग भी हर वर्ष की तरह हिंदी पखवाड़ा मनाने की तैयारियों में जुटा है।

– आशीष मिश्रा

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