9 August 2026 | Sunday | रविवार | श्रावण | एकादशी | विक्रम संवत 2083

कोई मुझे सिखला देना – अतुल पुष्करणा

आध्यात्मिक बने हम कैसे, कोई मुझे सिखला देना। 
मन में ज्ञान का दीपक या, भक्ति का सूर्य जला देना।।



जग के इस माया सागर में, नौका पार करा देना। 
जीवन राह है बड़ी कठिन, गिर के उठना सिखला देना।।

कौन है शत्रु, कौन है मित्र, इस जग में यह समझा देना। 
लोभ मोह छुड़वा कर सब,परोपकार का बीज उगा देना।।

हठ-छल हमें आनंद से भरेऺं, व झूठी माया में रस पाएं। 
कैसे छूटे इस भ्रम से हम, कोई होश में हमें पहुंचा देना।

ये मंथन है प्रबल विचारों का, तुम इससे बस अमृत लेना। 
अवगुणों का विनाश कर, सद्गुणों का सृजन करना।

आध्यात्मिक बने हम कैसे, कोई मुझे सिखला देना।  
मन में यह भक्ति का सूर्य, शीघ्र मुझसे जलवा देना।।


अतुल पुष्करणा

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