महाभारत में शकुनि के पास पासे थे। हमारे समय ने उसकी चौसर को बहुत बड़ा कर दिया है। अब पासे हाथीदाँत के नहीं होते। वे कभी एक मुस्कान में छिपे होते हैं, कभी ठहरी हुई निगाह में, कभी किसी की चोट पर बोले गए उस वाक्य में, “अरे, अभी तो…
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