अधूरी आस – नीतू सिन्हा “नीत” August 8, 2026July 30, 2026 by editor.namasteybharat@gmail.com इक आस हरदम ही बे-आस रहीमैं ताउम्र खुद की बनकर प्यास रहीजुबां पकी इतनी कि सड़ने लगीतबियत में सभी के मगर खटास रही पूरा पढ़ें