hindi kavita
कंप्यूटर बनाम विश्व – शरद कुमार झा
प्रकृति के छाया चित्र का आनंद उठाते
युवक बैठा था कुर्सी पर कंप्यूटर खोले,
गुज़ारिश की यारों से
कि चलो आज कुदरत की
प्रकृति के छाया चित्र का आनंद उठाते
युवक बैठा था कुर्सी पर कंप्यूटर खोले,
गुज़ारिश की यारों से
कि चलो आज कुदरत की