अब मेरे चारों ओररंगीन तितलियाँ नहीं उड़तीऔर न ही अब छोटे बच्चेतितलियों के पीछे भागते हैंफूलों से सुगंध भीअब खोने लगी हैबचपन अपने पीठ परबचपना ढोने लगी है। पूरा पढ़ें
Read More →अब मेरे चारों ओररंगीन तितलियाँ नहीं उड़तीऔर न ही अब छोटे बच्चेतितलियों के पीछे भागते हैंफूलों से सुगंध भीअब खोने लगी हैबचपन अपने पीठ परबचपना ढोने लगी है। पूरा पढ़ें
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