नमस्कार, जैसे बगीचे का पहला फूल एक अलग सौंदर्य लाता है, ठीक वैसे ही यह पहला अंक और इस पहले अंक के माध्यम से आपसे पहली बात करने का अवसर – मुझे उत्साहित करने को और उत्साह बनाए रखने में हमेशा अहम रहेगा, सार्थक रहेगा। हमेशा मेरे स्वभाव को मेरी साधना, मेरे साहित्य से जोड़े रखेगा।
आपके समक्ष मेरे सालों के मन को रख रहा हूँ – नमस्ते भारत पत्रिका को सौंप रहा हूँ। मैं जानता हूँ किसी भी अभियान को शुरू करना और उसे उत्साह के साथ, संयम और संतुलित रूप से बनाये रखना एक कला भी है और संकल्प भी।
इस पत्रिका का एक उद्देश्य ब्रिटेन में हिन्दी का प्रचार-प्रसार है। इसके माध्यम से हम हिंदी प्रेमियों तक पहुचेंगे भी और नए बनायेंगे भी। मुझे विश्वास है यह पत्रिका हम विश्व भर के प्रवासियों को भारतीय समाज, संस्कृति और साहित्य से जोड़े रखने में सहायक होगी। साथ ही साथ हम ब्रिटिश परिवेश, संस्कृति और सरोकार को और समझेंगे और पढ़ेंगे।
आप कविताएँ लिखें, कहानियाँ, लेख या किसी कार्यक्रम की रिपोर्ट – नमस्ते भारत पत्रिका आपके शब्दों को, आपकी भाषा को, आपके साहित्य को संजोने को, सहेजने को उत्सुक भी है और आतुर भी। भावुक हूँ अधिक नहीं लिख पाऊँगा लेकिन प्रण है कि हर मासिक अंक में आपके साथ कुछ विचार साझा करूँगा।
मैंने यह दायित्व लिया है लेकिन इसकी सफलता का निश्चय आपके सहयोग और आशीर्वाद से ही दृढ़ बना रहेगा। आप सभी की शुभकामनाओं से अभिभूत हूँ – बहुत सारा धन्यवाद।
सादर आभार
आशीष मिश्रा, संपादक



